cold and Flu सर्दी-जुकाम और वायरल

सर्दी और वायरल (Cold & Flu ) कैसे फैलता है, इसके लक्षण और इसके इलाज की विस्तारपूर्वक जानकारी

आम सर्दी और फ्लू (sardi-Jukham) के लक्षण पहली बार में समान लग सकतें है। ये दोनों श्वसन तंत्र से संबंधी बीमारियाँ हैं और समान लक्षण पैदा कर सकते हैं। लेकिन विभिन्न वायरस इन दो स्थितियों का कारण बनते हैं। आपकी बीमारी के लक्षण आपको उनके बीच का अंतर बताने में मदद करते हैं।

सर्दी और फ्लू दोनों ही के कुछ सामान्य लक्षण होतें हैं। जो बीमारी वाले लोग अक्सर अनुभव करते हैं:

बहती या भरी हुई नाक
छींक आना
शरीर मैं दर्द (बदन दर्द)
सामान्य थकान

परन्तु नियम कहते है की फ्लू के लक्षण ठंड के लक्षणों से अधिक गंभीर हैं।

दोनों के बीच एक और अंतर है कि वे कितने गंभीर हैं। सर्दी शायद ही कभी अन्य स्वास्थ्य स्थितियों या समस्याओं का कारण बनती है। लेकिन फ्लू से साइनस और कान में संक्रमण, निमोनिया और सेप्सिस (अंदरूनी या बहरी जख्मों का सड़ना) हो सकता है।

यह निर्धारित करने के लिए कि आपके लक्षण सर्दी के हैं या फ्लू के, इसके लिए हमें अपने डॉक्टर से परामर्श की अति आवश्यकता होती है। क्यूंकि एक कुशल चिकत्सक ही सर्दी और फ्लू के लक्षणों को बताने में या निर्धारण करने में मदद कर सकता है।

यदि हमारा डॉक्टर सर्दी होने की पुष्टि करते है तो हमें तब तक ही अपने सर्दी के लक्षणों के इलाज करने की आवश्यकता होगी जब तक कि सर्दी का वायरस हमारे शरीर से न चला जाये। इन उपचारों में ओवर-द-काउंटर (ओटीसी) ठंड की दवाओं का उपयोग करना, शरीर में पानी की मात्रा बनाये रखना और बहुत सारा आराम करना शामिल हो सकता है।

फ्लू वायरस की दवा को अगर वायरस के शुरुवाती दौर में उपयोग किया जाये तो हमारी यह दवा बीमारी की गंभीरता को कम करने और हमें अधिक बीमार होने से बचने में मदद कर सकती है। फ्लू से पीड़ित लोगों के लिए आराम और शरीर में पानी की मात्रा बनाये रखना भी फायदेमंद है। आम सर्दी की तरह, फ्लू को हमारे शरीर में पनपने के लिए समय की आवश्यकता होती है।

फ्लू (Flu) के लक्षण क्या हैं?

फ्लू के कुछ सामान्य लक्षण इस प्रकार हैं:-

सर्दी-जुकाम और वायरल

बुखार

फ्लू का सबसे पहला लक्षण है की ये हमारे शरीर के तापमान में एकदम से उच्च वृद्धि कर देता है। इसे बुखार के रूप में भी जाना जाता है। अधिकांश फ़्लू-संबंधी बुखार निम्न-श्रेणी (Low Grade) के बुखार 100°F (37.8°C) से लेकर 104°F (40°C) तक होते हैं।

छोटे बच्चों में वयस्कों की तुलना में अधिक बुखार होना असामान्य नहीं हैजो की चिंताजनक है। यदि आपको संदेह / शक है कि आपके बच्चे को कहीं फ्लू तो नहीं है, तो अपने डॉक्टर का परामर्श ले।

ऊंचा तापमान होने पर हमें “बुखार” महसूस होता हैं। फ्लू के लक्षणों में हमारे हमारे  शरीर के उच्च तापमान होने के बावजूद ठंड लगना, पसीना आना या ठंड लगना शामिल है। अधिकांश बुखार एक सप्ताह से कम समय तक रहते हैं, आमतौर पर ये लगभग तीन से चार दिन ही रहते है ।

खांसी

एक सूखी, लगातार खांसी फ्लू के साथ आम बात है। और समय के साथ साथ ये खांसी खतरनाक, दर्दनाक और न झेल पाने वाली खांसी हो सकती है। हमे इस दौरान सांस लेने में तकलीफ या सीने में भी तकलीफ हो सकती है। फ्लू से संबंधित खांसी कई बार लगभग दो सप्ताह तक रह सकती है।

मांसपेशियों के दर्द

फ्लू से संबंधित मांसपेशियों के दर्द में आपकी गर्दन दर्द, पीठ दर्द, हाथ और पैरों का दर्द सबसे आम दर्द है। वे दर्द अक्सर काफी गंभीर हो सकते हैं, जिससे हमें जरुरी काम करने के लिए भी चल फिर नहीं सकते।

थकान

थका हुआ महसूस करना फ्लू का सार्थक सपष्ट लक्षण नहीं है। आम तौर पर अस्वस्थ महसूस करना कई स्थितियों का संकेत हो सकता है। अस्वस्थ और थकान की ये भावनाएँ तेजी से आ सकती हैं और इससे उबरना मुश्किल हो सकता है।

सरदर्द

cold flu सरदर्द

फ्लू का आपका सबसे पहला लक्षण सिर में गंभीर दर्द हो सकता है। कभी-कभी आंख के लक्षण प्रकाश और ध्वनि के प्रति संवेदनशील हो जाते है और इससे भी हमे सिरदर्द महसूस होता हैं।

फ्लू शॉट (Flu Shot / Vaccine ) के तथ्यों को जानें

इन्फ्लुएंजा एक गंभीर वायरस है जिसके कारन हर साल कई बीमारियों होती है। किसी भी संक्रमण से गंभीर रूप से बीमार होने के लिए आप युवा हो चाहे आपकी रोग प्रतिरक्षा प्रणाली भी मजबूत हो फिर भी आपको संक्रमण हो सकता है और नौजवान लोग किसी भी फ्लू को अपने दोस्तों और परिवार में फैला सकते हैं।

कुछ मामलों में, फ्लू जानलेवा भी हो सकता है। फ्लू से संबंधित मौतें 65 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों में सबसे आम हैं लेकिन बच्चों और युवा वयस्कों में भी ये मौतें हो सकती हैं।

फ्लू से बचने और इसे फैलने से रोकने का सबसे अच्छा और कारगर तरीका है टीकाकरण करवाना (Flu Shot) लगवाना। फ्लू वैक्सीन इंजेक्टेबल शॉट के रूप में उपलब्ध है। जितने अधिक लोग फ्लू के खिलाफ टीकाकरण करवाते हैं, उतना कम फ्लू फैल सकता है। टीकाकरण करने से आपके शरीर में अगर फ्लू आ भी जाये तो भी जल्दी से आप उससे उभर सकते हो और फ्लू के लक्षणों को कम कर सकते हैं।

फ्लू शॉट कैसे काम करता है?

वैक्सीन बनाने के लिए, वैज्ञानिक फ्लू वायरस की उत्पत्ति और फैलने के तरीकों का अध्ययन करते हैं जिससे पता चलता है कि आने वाले फ्लू के मौसम में कौन सा फ्लू सबसे आम होगा। उन लक्षणो के आधार पर साथ लाखों टीके निर्मित और वितरित किए जाते हैं।

एक बार जब आप टीका प्राप्त करते हैं, तो आपका शरीर वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी का उत्पादन करना शुरू कर देता है। ये एंटीबॉडी वायरस से सुरक्षा प्रदान करते हैं। फ्लू शॉट के बाद अगर हम फ्लू वायरस के संपर्क में आते हैं, तो हम संक्रमण से बच सकते हैं।

यदि आप किसी अन्य तरह के वायरस के सम्पर्क में आतें है जिससे बचाव का टीका अपने नहीं लगाया तो भी फ्लू शॉट के कारण आपको उस फ्लू / वायरस का लक्षण ज्यादा गंभीर नहीं होगा ।

फ्लू शॉट किसे किसे लगना चाहिए?

डॉक्टर सलाह देते हैं कि छह महीने से अधिक उम्र के सभी को फ्लू का टीका मिले। यह उच्च जोखिम वाली श्रेणियों के लोगों के लिए विशेष रूप से सच है, जैसे:

  • 5 वर्ष से कम आयु के बच्चे (विशेषकर 2 वर्ष से कम आयु के बच्चे)
  • वयस्क जो कम से कम 65 हैं
  • जो महिलाएं गर्भवती होती हैं या दो सप्ताह तक की गर्ववती हो
  • जिन लोगों को पुरानी बीमारी होने के कारण जिनकी रोग प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो

अधिकांश डॉक्टर यह भी सलाह देते हैं कि अक्टूबर के अंत तक सभी को फ्लू का टीका लग जाएगा। इस तरह से आपके शरीर में फ्लू के मौसम आते आते आपका शरीर पहले से ही एंटीबॉडी विकसित कर ले और आप फ्लू की चपेट में आने से बच जाये। टीकाकरण के बाद फ्लू के खिलाफ एंटीबॉडी विकसित करने में लगभग दो सप्ताह लगते हैं।

फ्लू शॉट के साइड इफेक्ट

कई लोग डर के कारण हर साल फ्लू का टीका इसलिए नहीं लगते क्यूंकि वो सोचते है की यह उन्हें बीमार कर देगा। यह समझना महत्वपूर्ण है कि फ्लू का टीका आपको फ्लू विकसित करने का कारण नहीं बना सकता है। यदि आप वैक्सीन प्राप्त करते हैं तो आप बीमार नहीं होंगे। फ्लू के टीके में मृत फ्लू वायरस होता है। ये वायरस एक बीमारी पैदा करने के लिए पर्याप्त मजबूत नहीं होता हैं।

हालाँकि, आपको फ़्लू शॉट से कुछ दुष्प्रभाव हो सकते हैं। ये दुष्प्रभाव अक्सर हल्के होते हैं और केवल थोड़े समय के लिए होते हैं। एक शॉट के साइड इफेक्ट बाद में एक फ्लू संक्रमण फैलने से अधिक महत्वपूर्ण होते है।

फ्लू शॉट के सबसे आम दुष्प्रभावों में शामिल हैं:

    फ्लू शॉट इंजेक्शन जहां लगया जाता है उस हिस्से  के आसपास दर्द होना
    इंजेक्शन के तुरंत बाद के दिनों में हल्का का बुखार रहना
    हल्के दर्द और अकड़न

कोई भी दुष्प्रभाव जो अक्सर होता है वह केवल एक या दो दिन तक रहता है। अधिकतर लोगों ने किसी भी दुष्प्रभाव का अनुभव नहीं किया।

बहुत कम बार कुछ लोगों को टीकाकरण के बाद गंभीर एलर्जी की प्रतिक्रिया हो सकती है। यदि आपको पहले किसी वैक्सीन या दवा से एलर्जी की प्रतिक्रिया है, तो अपने डॉक्टर को इस बारे में जरूर बताये जैसा कहा भी गया है :-

वकील और डॉक्टर से कुछ भी छुपाना नहीं चाहिए ! 

फ्लू से व्यक्ति कितने समय तक बीमार रहता है?

अधिकांश लोग लगभग एक सप्ताह में फ्लू से ठीक हो जाते हैं। लेकिन आपको पूरी तरह से स्वस्थ महसूस होने में कई और दिन लग सकते हैं। आपके फ्लू के लक्षण कम होने के बाद कई दिनों तक थकान महसूस होना असामान्य नहीं है।

कम से कम 24 घंटे (और यह बुखार कम करने वाली दवाओं को लिए बिना) बुखार से मुक्त होने तक दफ्तर, स्कूल से घर रहना या काम करना महत्वपूर्ण है। यदि आपको फ्लू होता है, तो आपको फ्लू से होने वाली शिथिलता शुरुवात होने के एक दिन पहले से और पांच से सात दिन बाद तक रहेगी

फ्लू का उपचार किन किन तरीकों से किया जा सकता है ?

फ्लू के अधिकांश मामले हल्के होते हैं जो आप घर पर ही बिना अस्पताल जाए ठीक कर सकते हैं।

जब आप पहली बार फ्लू के लक्षणों को देखते हैं तो यह महत्वपूर्ण है कि आप घर पर रहें और अन्य लोगों के संपर्क से बचें।

आपको ये भी करना चाहिए:

  • तरल पदार्थ का खूब सेवन करें। इसमें पानी, सूप और कम चीनी वाले स्वाद वाले पेय शामिल हैं।
  • ओटीसी दवाओं के साथ सिरदर्द और बुखार जैसे लक्षणों का इलाज करें।
  • वायरस को फैलाने से रोकने के लिए अपने हाथ धोएं ताकि यह किसी और जगह या किसी अन्य घर के व्यक्ति को न फैले।
  • खांसने से पहले अपने मुँह को कोहनी से ढकें या किसी टिश्यू पेपर को मुँह पर लगाए और बाद में उसे सुरक्षित तरीके से फेंक दे ।

यदि लक्षण बदतर हो जाते हैं, तो अपने डॉक्टर के पास जाएँ । वे एक एंटीवायरल दवा लिख सकते हैं। जितनी जल्दी आप इस दवा को लेते हैं, उतना ही प्रभावी होता है। जब आपके लक्षण शुरू हों, तो आपको 48 घंटों के भीतर उपचार शुरू करना चाहिए।

जैसे ही आप फ्लू से संबंधित जटिलताओं के लिए उच्च जोखिम में हों, लक्षण दिखते ही अपने चिकित्सक से संपर्क करें। इन उच्च जोखिम वाले समूहों में शामिल हैं:

  • रोगों से लड़ने की प्रतिरक्षा प्रणाली जिनकी कमजोर हो वो वाले लोग
  • जो महिलाएं गर्भवती होती हैं या दो सप्ताह तक की गर्भवती हो
  • जो लोग 65 वर्ष ऊपर के हैं
  • 5 वर्ष से कम आयु के बच्चे (विशेष रूप से, 2 वर्ष से कम आयु के)
  • जो लोग ICU जैसी जगह पर काम करते हो
  • जिन लोगों को पुरानी बीमारी होने के कारण जिनकी रोग प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जैसे कि हृदय या फेफड़ों की बीमारी के मरीज

आपका डॉक्टर फ्लू वायरस के लिए तुरंत परीक्षण कर सकता है। फ्लू को बिगड़ने से रोकने के लिए वे एक एंटीवायरल दवा भी लिख सकते हैं।

Leave a Comment

Your email address will not be published.