vishav Pustak Divas 23 April

Vishav Pustak Divas – विश्व पुस्तक दिवस 23 April

Vishav Pustak Divas : World Book Day के साथ ही 23 अप्रैल को हर साल विश्‍व कॉपीराइट दिवस (World Copyright Day) भी मनाया जाता है. आज का यह दिन हमारी सच्‍ची दोस्‍त किताबों के नाम समर्पित है|
जब किताबों की बात आती है, तो वे हमारे सबसे अच्छे दोस्त हो सकते हैंअच्छी पुस्तकें हमारे मन को एक अच्छे मित्र की तरह ही अच्छे विचारों और ज्ञान से समृद्ध करती हैं

विश्‍व पुस्‍तक दिवस 2020: पूरे विश्व में आज  23 अप्रैल को हर  साल की भांति World Book Day मनाया जा रहा है |  आज का दिन पिछले लगभग 97 सालों से  किताबों के नाम समर्पित है|  आज के दिन का महत्त्व हम इस बात से अच्छी तरह समझ सकते हैं कि किताबें हमारी बेस्‍ट फ्रेंड (अच्छी दोस्त)  होने के साथ साथ हमारी मार्ग दर्शक भी है |  जैसा की हम सभी जानते है जब कोई साथ नही देता तो केवल ज्ञान ही साथ देता है | और वो पुस्तकें ही है जो हमें भूत, वर्तमान और भविष्य का ज्ञान देती है और जब हमें इनकी सबसे ज्‍यादा जरूरत होती है उस वक्‍त हमेशा हमारे साथ होती हैं |
उदाहरण के लिए आजकल समय ही ले लो, इस समय में जब पूरी दुनिया कोरोनावायरस (Coronavirus Covid 19) के कारण अपने-अपने घरों में बंद (Lockdown ) है, तब ये पुस्तकें ही हैं जो हम लोगों का इस कठिन वक्‍त को गुजारने में मदद कर रही हैं. लॉकडाउन (Lockdown) होने के कारण किताबें ही है जो सही सूचना, मनोरंज और सकारात्‍मक सोच का जरिया बना हुआ है |
ऐसे में बच्चों के माता पिता को चोहिए कि वे अपने बच्‍चों के ज्ञान देने वाली किताबें पढ़ने को दें, ताकि इस विश्व बंदी के दौर में हम अपने बच्‍चों में किताबें पढ़ने के संस्‍कार विकसित करेंगे | आज तो हमारे पास प्रिन्टेड किताबों  साथ डिजिटल किताबें भी उपलब्ध है जैसे – किंडले, गूगल बुक्स इत्यादि |   

vishav Pustak Divas 23 April School time

Covid 19 : ऐसे समय में जहां दुनिया भर के अधिकांश स्कूल बंद हैं और लोगों को अपना समय घर पर ही बिताना पड़ रहा है, किताबों की ही वो शक्ति है जो इस अलगाव से निपटने के लिए किया जाना चाहिए। किताबें ही हमारे मस्तिष्क को सही निर्णय लेने की शक्ति देती है और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने में भी मदद  करती है।

अप्रैल के महीने और पूरे साल के दौरान, अपने या अपने बच्चों के साथ पढ़ने के लिए समय निकालना महत्वपूर्ण है। यह पढ़ने के महत्व का जश्न मनाने, पाठकों के रूप में बच्चों की वृद्धि को बढ़ावा देने और साहित्य और काम की दुनिया में एकीकरण के आजीवन प्यार को बढ़ावा देने का समय है।

पढ़ने और विश्व पुस्तक और कॉपीराइट दिवस, 23 अप्रैल के उत्सव के माध्यम से, हम दूरी के बावजूद खुद को दूसरों के लिए खोल सकते हैं। 1  अप्रैल से 23 तारीख तक, यूनेस्को किताबों की शक्ति का प्रतीक उद्धरण, कविता और संदेश साझा करेता है  और जितना संभव हो उतना पढ़ने को प्रोत्साहित करेता है। साझा पढ़ाई और साझा ज्ञान के माध्यम से समुदाय की भावना पैदा करके, दुनिया भर के पाठक अकेलेपन को रोकने और परस्पर मदद कर सकते हैं।

ऐसी परिस्थितियों में, हम दुनिया भर के छात्रों, शिक्षकों, पाठकों  को   #StayAtHome और #WorldBookDay के माध्यम से इस सकारात्मक संदेश को दूसरों के साथ साझा करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।

Vishav Pustak Divas 23 April Shuru Se ant tak

विश्व पुस्तक दिवस का इतिहास

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वार्षिक विश्व पुस्तक दिवस को मनाने के पीछे पूरे विश्व में  बहुत सी कहानियाँ  हैं।

विश्व पुस्तक दिवस की शुरुवात 23 अप्रैल 1923 में, कैटेलोनिया, स्पेन में किताबें बेचने वालों ने पहली बार की। एक वैलेंसियन लेखक, “विसेंटे क्लेव आंद्रेस” का मानना था कि लेखक मिगुएल डे सर्वेंट्स को सम्मानित किया जाना चाहिए।

मूल रूप से, ये उत्सव 7 अक्टूबर को मिगुएल डे सर्वेंट्स के जन्मदिन पर था, लेकिन बाद में इसे 23 अप्रैल को उनके पुण्य तिथि में बदल दिया गया।

1995 में था कि संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) ने आधिकारिक तौर पर 23 अप्रैल को विश्व पुस्तक और कॉपीराइट दिवस मनाने की तारीख के रूप में नामित किया था।

दुनिया भर में हर साल 23 अप्रैल को विश्‍व पुस्‍तक दिवस मनाया जाता है। इस दिन को विश्‍व कॉपीराइट दिवस (World Copyright Day) भी कहते हैं.  किताबों को पढ़ने वाले और चाहने वालों के लिए आज खास दिन है. UNESCO ने 23 अप्रैल 1995 को इसकी शुरुआत की थी। पहली बार 1995 में पेरिस में हुई यूनेस्‍को की जनरल कॉन्‍फ्रेंस में विश्‍व पुस्‍तक दिवस का जश्‍न मनाया गया था क्योंकि, ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार, विलियम शेक्सपियर, व्लादिमीर नबोकोव, मैमुएल सेजिया वैलेजो का जन्म और मृत्यु वर्षगाँठ, मीगुअल डी सरवेंटस (22 अप्रैल को मृत्यु और 23 अप्रैल को दफनाए गये), जोसेफ प्ला, इंका गारसीलासो डी ला वेगा का मृत्यु वर्षगाँठ और मैनुअल वैलेजो, मॉरिस द्रुओन और हॉलडोर लैक्सनेस का जन्म वर्षगाँठ होता है।

विश्व पुस्तक दिवस क्‍यों मनाया जाता है?

विश्व पुस्तक दिवस पूरी  दुनिया में इसलिए मनाया जाता है ताकि लोग किताबों की अहमियत को समझ सके क्यूंकि किताबें महज कागज का पुलिंदा नहीं बल्‍कि वे भूत, वर्तमान  और भविष्‍यकाल को जोड़ने की एक मुख्य कड़ी का काम करती हैं. साथ ही हमारी संस्‍कृतियों (रिवाजों) और पीढ़‍ियों के बीच में एक सेतु की तरह हैं |

उदाहरण के लिए सोचो अगर रामायण, महाभारत, श्री मद्भागवत गीता, बाइबल, कुरान शरीफ, गुरु गृंथ साहिब  जैसी किताबें न होती तो हमें उन स्वर्णिम युगों का पता तक नहीं चलता |  
 

विश्व पुस्तक दिवस विषय 1998-2020

  • विश्व पुस्तक दिवस 2019 में विश्व पुस्तक दिवस का थीम है “पढ़ते रहिये… ताकि आप कभी अकेलापन महसूस न करें” (Read…So you never Feel Alone) Covid-19 Lockdown।
  • वर्ष 2019 में विश्व पुस्तक दिवस का थीम था “एक कहानी साझा कीजिये (शेयर ए स्टोरी)”।
  • वर्ष 2018 में विश्व पुस्तक दिवस के लिए थीम था “पढ़ना, यह मेरा अधिकार है”।
  • विश्व पुस्तक दिवस 2015 का थीम था “दुनिया को पढ़ों।”
  • विश्व पुस्तक दिवस 2014 का थीम था “तेज बनो-किताबें पढ़ों।”
  • विश्व पुस्तक दिवस 2013 का थीम था “पढ़ना; प्रकाशन और कॉपीराइट के द्वारा बौद्धिक संपदा की सुरक्षा।”
  • विश्व पुस्तक दिवस 2012 का थीम था “किताबें और अनुवाद।”
  • विश्व पुस्तक दिवस 2011 का थीम था “किताब निर्माण का विकास, लिखने से डिजिटल तक।”
  • विश्व पुस्तक दिवस 2010 का थीम था “संस्कृति के मेल-जोल के लिये अंतरराष्ट्रीय वर्ष।”
  • विश्व पुस्तक दिवस 2009 का थीम था “गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा का विकास और प्रकाशन और मानवाधिकार के बीच जुड़ाव।”
  • विश्व पुस्तक दिवस 2008 का थीम था “भाषा का अंतरराष्ट्रीय वर्ष।”
  • विश्व पुस्तक दिवस 2007 का थीम था “पढ़ाई उपाय है।”
  • विश्व पुस्तक दिवस 2006 का थीम था “साक्षरता जीवन बदल देती है।”
  • विश्व पुस्तक दिवस 2005 का थीम था “पढ़ाई हमेशा के लिये है।”
  • विश्व पुस्तक दिवस 2004 का थीम था “पढ़ना; एक अनवरत यात्रा।”
  • विश्व पुस्तक दिवस 2003 का थीम था “जीवन के लिये दोस्त।”
  • विश्व पुस्तक दिवस 2001 का थीम था “खुशी के घंटे।”
  • विश्व पुस्तक दिवस 1999 का थीम था “एक किताब दो।”
  • विश्व पुस्तक दिवस 1998 का थीम था “पढ़ना ठंडी हवा है।”
Vishav Pustak Divas 23 April for Book Lover

पुस्तक दिवस की उक्तियां और उनके लेखक

  • “अगर किसी को एक किताब बार-बार पढ़ना खुशी नहीं दे सकता तो, उसको पूरा पढ़ने का कोई उपयोग नहीं है।”- ऑस्कर विल्डे
  • “आदर्शत: एक किताब के पास कोई क्रम नहीं होता, और पढ़ने वाले को खुद इसे खोजना होगा।”- मार्क त्वैन
  • “आप बहुत पर्याप्त चाय की एक प्याली नहीं ला सकते या मेरे ऊपर फबने वाली एक लंबी किताब।”- सी.एस.लेविस
  • “एक किताब अच्छा साथी है। बिना वाचालता के ये पूरी तरह संवाद से भरा है। पूरे निर्देश के साथ आपकी अभिलाषा के लिये ये आता है, लेकिन आपका कभी अनुसरण कभी नहीं करता।”- हेनरी वार्ड बीचर
  • “एक किताब एक उद्यान है, एक बगीचा, एक स्टोरहउस, एक पार्टी, बहरहाल एक साथी है, परामर्शदाता है, परामर्शदाता का झुण्ड है।”- चार्ल्स बौडेलेयर
  • “एक किताब कभी भी एक मास्टरपीस नहीं होती: ये एक बनता है। एक मरे हुये इंसान का कौशल है प्रतिभा।”- कार्ल सैंडबर्ग
  • “एक किताब को खत्म करना एक अच्छे दोस्त को छोड़ने के सामान है।”- विलियम फीदर
  • “एक किताब दुनिया है, वो यात्रा नहीं करता जो केवल एक पन्ना पढ़ता है।”- सेंट ऑगस्टाईन
  • “एक किताब से ईमानदार मित्र कोई नहीं होता।”- अर्नेष्ट हेमिंग्वे
  • “एक कुत्ते से अलग, एक किताब एक व्यक्ति की सबसे घनिष्ठ मित्र होती है। एक कुत्ते के अंदर पढ़ने के लिये ये बहुत ही अँधेरा है।“- ग्रोउचो मार्क्स
  • “एक भूखे इंसान के बीच के ये बहुत बड़ी बात है जो किताब पढ़ना चाहता है और एक थका हुआ इंसान जो पढ़ने के लिये एक किताब चाहता है।”- गिलबर्ट के. चेस्टर्टन
  • “किताब विक्रेता का सम्मान होना चाहिये क्योंकि हमारे ध्यान के लिये वो लाता है, एक नियम के रुप में, सच्चे किताब की हमें सबसे ज्यादा जरुरत होती है और सबसे ज्यादा उपेक्षा की जाती है।”- कन्फ्यूशियस
  • “किताबें पूँजी का निर्माण करती है। एक लाइब्रेरी की किताब एक घर के जितना टिकाऊ होता है, सैकड़ों वर्षों के लिये। ये अब केवल उपयोग का एक सामान नहीं है बल्कि पूँजी की पर्याप्ता है, और पेशेवर इंसान की दशा में, जीवन में प्रयाण, ये उसकी केवल पूँजी है।”-थॉमस जेफरसन
  • “कोई भी किताब जो एक बच्चे को पढ़ने की आदत, अपनी गहरे और लगातार जरुरत में से एक पढ़ने को बनाने के लिये, उसके लिये अच्छा है।”- माया एंजेलोउ
  • “जो किताब आप नहीं पढ़ते वो आपकी मदद नहीं करता।”- जिम रॉन
  • “जो बातें मैं जानना चाहता हूँ वो किताबों में हैं; मेरा परम मित्र वो आदमी होगा जो मुझे वो किताब देगा जो मैंने नहीं पढ़ा होगा।”- अब्राहम लिंकन
  • “नैतिक और अनैतिक किताब के रुप में कोई चीज नहीं है। किताबें या तो अच्छे से लिखी होती है या बुरे से।”- ऑस्कर विल्डे
  • “बिना कुछ सीखे आप एक किताब नहीं खोल सकते।”- कन्फ्यूशियस
  • “बुद्धि के किताब में पहला अध्याय ईमानदारी है।”- थॉमस जेफरसन
  • “भूखा इंसान, किताब के लिये पहुँचता है: ये एक हथियार है।”- बेरटोल्ट ब्रेच
  • “भोजन करना भूल जाईये अगर आपको करना है, लेकिन एक किताब को मत भूलिये।”- जिम रॉन
  • “मैं आप से कह सकता हूँ, ईमानदार दोस्त, क्या भरोसा करने के लिये है: जीवन में भरोसा; वो किताब या वक्ता इसे बेहतर सिखाता है।”- जोहॉन वोल्फगैंग वॉन गोअथे
  • “मैं किताब लिख रहा हूँ। मैंने पृष्ठ संख्या पूरी कर ली है।”- स्टीवेन राइट
  • “मैं टीवी को बहुत शिक्षा देने वाला पाता हूँ। हर समय कोई चालू करता है, मैं दूसरे कमरे में जाता हूँ और एक किताब पढ़ता हूँ।”- ग्रूचो मार्क्स
  • “मैं ये बताने में अपमानित महसूस कर रहा हूँ कि, अमेरिका, एक किताब की बिक्री पूछताछ का विषय बन सकता है, और आपराधिक पूछताछ का भी।”- थॉमस जेफरसन
  • “मैंने ढ़ेर सारी अज्ञात किताबें पढ़ी है और एक किताब को खोलना बहुत अच्छा है।”- बिल गेट्स
  • “ये मेरी महत्वकाँक्षा है कि मैं 10 वाक्यों में कहूँ जो लोग पूरी किताब में कहते हैं।”- फ्रेडरिक नियेत्ज़े
  • “वो जिसने खुद को बनाया है बुद्धिमान है उससे जिसने एक किताब को बनाया है।”- बेंजामेन फ्रेंकलिन
  • “शिक्षा के लिये कोई अंत नहीं है। ये ऐसा नहीं है कि आप एक किताब पड़ रहें हैं, परीक्षा पास होने के लिये, और शिक्षा के खत्म हो जायेगा। पूरे जीवन भर, उस पल से जब आप पैदा हुए और वो क्षण जब आप मरेंगे, सीखने की एक प्रक्रिया है।”- जिद्दू कृष्णमूर्ति
  • “हमारे लिये एक जमें हुये सागर के लिये किताब एक कुल्हाड़ी है।”- फ्रैंज काफका
  • “हर किताब बच्चों की किताब है अगर बच्चा पढ़ सके।”- मिच हेडबर्ग
  • “हर जली हुयी किताब दुनिया को रोशन करती है।”- राल्फ वाल्डो एमर्सन

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